अगर आप इस मौसम में माता वैष्णों देवी जी के दर्शन करना चाहते है तो आप के लिए एक अच्छी खबर है. माता वैष्णों देवी स्थापना बोर्ड ने इन दिनों माता के दर्शनों के लिए भवन में माता की पुरानी और प्राकृतिक गुफा खोल दी है.

मान्यता है की इसी रास्ते से होकर माता रानी इस गुफा में गयी थी. इन दिनों पूरा उत्तर भारत सर्दी की चपेट में है, जिसका असर अब माता वैष्णों देवी की यात्रा में आ रहे भक्तों पर भी पड़ा है.

जहां कुछ समय पहले देश भर से पैंतीस हज़ार से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए कटरा पहुंचते थे, वहीँ अब ख़राब मौसम और स्कूल की छुट्टियों के ख़त्म होते ही अब यात्रियों की संख्या में भी भारी कमी आई है.

मान्यता है कि जब भैरव, माता का पीछा करते करते इस गुफा तक पहुंचे थे, तब तक माता ने कई बार भैरव से मुक़ाबला करने के कई मौके टाल दिए थे. लेकिन, जब भैरव ने माता का पीछा नहीं छोड़ा तब माता ने इसी गुफा के बहार भैरव का वध कर दिया.

भैरव को मारने के बाद माता ने मानव शरीर का त्याग करने का फैसला किया और पिंडियों के रूप में वहां एक गुफा में प्रवेश किया और वहां विराजमान हुई जहां आजकल माता की पिंडियाँ हैं.

इस गुफा से होकर माता के दर्शन करना दूसरी गुफाओं से थोडा कठिन है क्योंकि इस गुफा में लेटकर माता की पिंडियो तक पहुंचा जाता है, और ऐसे में जब भीड़ कम हो तभी इस रास्ते को खोला जाता है.

यात्रियों की इस कमी को देखते हुए अब श्री माता वैष्णो देवी स्थापना बोर्ड ने यह फैसला लिया है कि जब तक यात्रियों की संख्या रोजाना पांच हज़ार के पार नहीं जाती, तब तक माता वैष्णों देवी जी की पुरानी गुफा से ही भक्तों को माता के दर्शन करवाए जायेंगे.

अधिकतर भक्त मौसम की इन विपरीत परिस्थितयों में इन दिनों माता के दर्शन करने नहीं आते, पर कई भक्त ऐसे हैं जो विशेष तौर पर इस मौसम में ही माता के दर्शनों के लिए आते है.

दिल्ली के राजेश ऐसे ही एक भक्त हैं जो हर साल इसी मौसम में माता के दर्शनों के लिए आते हैं. बकौल राजेश "मुझे ऐसा लगता है कि माता कि प्राचीन गुफा से दर्शन करना शुभ होता है, कई लोग सालों से माता के दर्शनों के लिए जाते हैं पर उन्हें पुरानी गुफा से दर्शन नहीं होते. मुझे पता है कि जनवरी महीने में पुरानी गुफा खोली जाती है और दूसरी गुफाओं से दर्शन करने में इतनी ख़ुशी नहीं मिलती".

आशंका है कि अगले महीने तक यह पुरानी गुफा दर्शनों के लिए खुली रहेगी, और अगर आप माता के दर्शनों का मन बना रहे हैं तो इन दिनों माता के दरबार जाएं और पुरानी गुफा से माता के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त करें.

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