नई दिल्ली: दिल्ली बन चुकी है गुनाहों की दलदल. स्टार न्यूज़ के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ है कि किस तरह कम उम्र की बच्चियों का हो रहा है सौदा और कैसे पॉश इलाकों की बड़ी इमारतों में दीवारों के पीछे हो रही है मासूम लड़कियों की डील.

इस घिनौने खेल का पर्दाफाश करने के लिए स्टार न्यूज़ की टीम पहुंची साउथ दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में, जहां के एक शानदार फ्लैट में नाबालिग लड़कियों की खरीदफरोख्त हो रही थी.

इस गुनाह के खौफनाक सच को उजागर करने के लिए स्टार न्यूज की टीम की एक सदस्य ने एक ग्राहक की सहयोगी का वेश धरा.

दलाल से जब बातचीत हुई तो उसने कई लड़कियां दिखाईं जिनकी उम्र 18 से भी कम थी.

स्टार न्यूज़ के कैमरे में कैद हो गई दलाल की सारी बातें और इस गुनाह का काला चेहरा भी. दलाल ने बताया कि 'स्कूल जाने वाली भी कई लड़कियां उपलब्ध हो सकती हैं.'

दलाल से बातचीत करने के दौरान पता चला कि इस धंधे में स्कूल में जाने वाली कई लड़कियां भी शामिल हैं. दलाल ने बताया कि वो खुद 100 से ज्यादा लड़कियां उपलब्ध करा सकता है.

दलाल का तमाम बातें कैमरे में कैद हो गई. दलाल बेफिक्र हो कर बोल रहा था कि 20 हजार रुपए प्रति नाइट के हिसाब से चार्ज है.

पुलिस का छापा

इस हकीकत का सामना करने के बाद स्टार न्यूज ने एक एनजीओ शक्तिवाहिनी से संपर्क साधा और फिर उस घर में पड़ी लाइव रेड.

एनजीओ शक्तिवाहिनी पहले भी नाबालिग लड़कियों को इस दलदल से बाहर निकाल चुका है.

पुलिस ने छापेमारी में तीन दलालों और चार लड़कियों को छुड़ा तो लिया लेकिन गिरोह की मुख्य सरगना जिसे सब दीदी कहते थे मौके पर नहीं मिली. वो दलाल भी वहां नहीं मिला जो कैमरे में कैद हुआ था.

पुलिस ने जिन चार लड़कियों को इस नर्क से बाहर निकाला है उनके नाबालिग होने की पुष्टि हो चुकी है. पुलिस ने इन लड़कियों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है.

छुड़ाई गई ज्यादातर लड़कियां पश्चिम बंगाल से हैं. सीआईडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक  वर्ष 2010 में आठ हजार लड़कियां राज्य से गायब हुई हैं. ऐसे में इस रैकेट के और भी जगहों पर फैले होने की आशंका है.

दिल्ली का दलदल


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