नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है और राज्य में चुनावों को लेकर तैयारी भी पूरे जोरों पर हैं. इसी दौरान स्टार न्यूज़ ने नीलसन के साथ मिलकर एक ओपिनियन पोल के जरिए यूपी के 202 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं की नब्ज टटोलने की कोशिश की है.
ओपिनियन पोल में मतदाताओं से कई तरह के सवाल पूछे गए हर सवाल पर जनता का मत बंटा हुआ था.
सरकार का कामकाज़
जहां तक सवाल मायावती की सरकार के कामकाज को लेकर था तो इस मामले में जनता की राय बंटी हुई ज़रूर थी, लेकिन जनता मायावती से खुश कतई नहीं दिखी. ज्यादातर जनता ने उनके कामकाज को औसत से कमतर माना.
राज्य की 29 फीसदी जनता ने मायावती सरकार के कामकाज़ को खराब, तो 13 फीसदी जनता ने बहुत खराब माना तो 26 फीसदी जनता ने औसत करार दिया. महज़ 12 फीसदी जनता ने बहुत अच्छा तो 19 फीसदी ने अच्छा माना. यानी यूं कह सकते हैं कि 68 फीसदी जनता को मायावती सरकार का कामकाज नहीं भाया.
मायावती का कामकाज
बतौर मुख्यमंत्री मायावती के कामकाज को लेकर जनता की राय पूरी सरकार के कामकाज से बिल्कुल अलग नहीं है, बल्कि करीब-करीब एक जैसी ही प्रतिक्रिया है.
सर्वे में शामिल 30 फीसदी जनता मायावती के खुद के कामकाज से खुश हैं या बहुत खुश हैं. 22 फीसदी जनता उनके प्रदर्शन को औसत मान रही है, जबकि 47 फीसदी जनता उनके खुद के कामकाज से नाराज़ हैं.
वोट देने की वजह
जब लोगों से पूछा गया वह एक मुद्दा क्या है जिसके आधार पर वे किसी दल का चुनाव कर रहे हैं तो भ्रष्टाचार के लगाम कसने पर सवाल पर सबसे अधिक 19 फीसदी जनता की राय थी बीजेपी इस पर काबू लाएगी.
वहीं कानून-व्यवस्था अच्छी करने और बेरोज़गारी के खात्मे को लेकर ज्यादतर जनता कांग्रेस के हक में दिखी. 14 फीसदी जनता का कहना था कि कांग्रेस के सरकार में आने से कानून-व्यवस्था अच्छी होगी और उसी तरह 11 फीसदी जनता की राय थी कि कांग्रेस के आने से बेरोज़गारी घटेगी.







