मास्को: रूस में साइबेरिया की अदालत ने भगवदगीता पर पाबंदी लगाने की अर्जी को खारिज कर दिया है.

इससे पहले अदालत ने 19 दिसंबर को मामले की सुनवाई करने के बाद फैसला बुधवार तक टाल दिया था.

ग़ौरतलब है कि भगवदगीता पर पाबंदी लगाने का मामला पिछले छह महीने से साइबेरिया के तोमस्क की अदालत में चल रहा था.

याद रहे कि पिछले दिनों यह मसला भारतीय संसद में ज़ोरदार ढंग से उठा था, जिसके बाद विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने भारत में रूसी राजदूत अलेक्जेंडर कदाकिन से मुलाकात की थी और इस मुद्दे की संवदेनशीलता से अवगत कराया था.

कृष्णा ने उम्मीद जताई थी कि रूसी सरकार इस मसले का कोई सौहार्दपूर्ण हल तलाश लेगी.

विवाद

रूस में भगवदगीता पर पाबंदी को लेकर एक अदालत में यह मामला छह महीने पहले दायर हुआ था, फिलहाल इस मामले की सुनवाई 28 दिसंबर तक टाल दी गई है.

साइबेरिया के तोम्स्क की एक अदालत में इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद की लिखी 'भगवद्गीता ऐज इट इज' के रूसी भाषा के संस्करण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है.

इसे उग्रवादी साहित्य कहकर साइबेरिया के तोमस्क की एक अदालत में चुनौती दी गई है.


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